भारत में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार कई योजनाएं लॉन्च करती रहती हैं। इन्हीं में से एक नई योजना है मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, जो खास तौर पर बिहार राज्य की महिलाओं के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद मिलती है, जिससे वे अपनी आजीविका का साधन खुद बना सकती हैं। योजना की शुरुआत 26 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी।
यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाएं अपना व्यवसाय या काम शुरू कर सकती हैं, जिससे न सिर्फ उनकी आय में बढ़ोतरी होती है बल्कि वे परिवार और समाज में सशक्त बनती हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे और समय की भी बचत हो सके।
Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana 2025
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार सरकार द्वारा 2025 में शुरू की गई एक प्रमुख योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहयोग देना है। इस योजना के तहत बिहार की करीब 75 लाख महिलाओं को शुरुआती 10,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय, दुकान, घरेलू काम, या फिर कोई अन्य स्वरोजगार खुद शुरू कर सकें।
यह राशि महिलाओं के बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर होती है, जिससे वे कपड़ा सिलाई, ब्यूटी पार्लर, किराना दुकान, पशुपालन, हस्तशिल्प जैसी छोटी-मोटी व्यापारिक गतिविधियां शुरू कर सकती हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा कौशल प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है ताकि महिलाएं अपने चुने हुए व्यवसाय में और बेहतर कर सकें। योजना के अनुसार अगर छह महीने के बाद महिला द्वारा शुरू किया गया व्यवसाय अच्छा चलता है, तो उसे अतिरिक्त दो लाख रुपए तक की सहायता मिलती है ताकि उसका व्यवसाय और बढ़ सके।
सरकारी सहायता की पूरी जानकारी
इस योजना के तहत सरकार दो तरह की सहायता देती है। सबसे पहले प्रत्येक महिला को 10,000 रुपए की अनुदान राशि मिलती है। इससे महिलाएं कारोबार शुरू कर सकती हैं, जिनमें दुकान, पार्लर, पशुपालन, सिलाई, कढ़ाई आदि काम शामिल हैं। छह महीने बाद व्यवसाय की प्रगति जांचने के लिए अधिकारी आते हैं। सफल व्यवसाय के लिए महिला को और 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त मदद मिलती है।
योजना के तहत महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण दिए जाते हैं जिससे व्यापारिक कौशल बढ़ाया जा सके। सरकार हाट-बाजार जैसी बाजार व्यवस्थाएं भी तैयार करती है, जिससे महिला अपने उत्पाद और सेवाएं आसानी से बेच सके। इस पूरी प्रक्रिया में लाभार्थी महिला का आधार और बैंक अकाउंट लिंक ज़रूरी है, जिससे पैसे सीधे खाते में आते हैं और किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ती।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए महिला आवेदक की आयु 18-60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। केवल बिहार राज्य की स्थायी निवासी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। परिवार की केवल एक महिला को योजना का फायदा मिलेगा। इच्छुक महिला को जीविका स्वयं सहायता समूह या राज्य के अन्य महिला समूहों से जुड़ना अनिवार्य है, क्योंकि यही समूह आवेदन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में मदद करते हैं।
आवेदन दो तरह से किया जा सकता है: ऑनलाइन और ऑफलाइन। ऑनलाइन आवेदन के लिए सरकार ने एक विशेष पोर्टल शुरू किया है, जिसमें आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर, निवास प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो और व्यापार की प्रस्तावित योजना जमा करनी होती है। ऑफलाइन आवेदन के लिए महिलाएं स्थानीय जीविका समूह या पंचायत कार्यालय जाकर फॉर्म भर सकती हैं।
आवेदन करते वक़्त सभी दस्तावेज़ सही तरीके से जमा करने होते हैं। अधिकारी आवेदन की जांच करते हैं और चयनित महिलाओं को अनुदान राशि डायरेक्ट बैंक में भेज दी जाती है। योजना की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुखद है।
योजना के लाभ
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से बिहार की महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता का नया रास्ता मिलता है। इससे महिलाएं छोटे कारोबार से लेकर विभिन्न सेवा क्षेत्र में अपना स्थान बना सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
- पहली बार स्वरोजगार के लिए सीधे बैंक खाते में राशि मिलती है।
- सफल व्यवसाय पर ज्यादा आर्थिक मदद मिलती है।
- प्रशिक्षण और कौशल विकास की पूरी व्यवस्था होती है।
- महिलाओं को अपने उत्पाद या सेवाएं बेचनें के अवसर मिलते हैं।
- आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होती है।
योजना से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। वे ज्यादा आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार और समाज की मदद कर सकती हैं।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई एक बड़ी पहल है, जिससे महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सशक्त बन सकती हैं। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के लिए शुरुआती 10,000 रुपए की मदद देती है और कामयाबी पर अतिरिक्त दो लाख रुपए तक का अनुदान देती है। अगर आप बिहार की महिला हैं और स्वरोजगार के लिए उत्साहित हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं।






