Retirement Age Update 2026: 2 साल की बढ़ोतरी, बड़े फायदे—कर्मचारियों की किस्मत बदलेगी

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केंद्र सरकार ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय सिविल सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु को दो साल बढ़ाने का ऐलान किया है। पहले यह आयु 60 वर्ष थी, जो अब 62 वर्ष हो गई है। इस बदलाव से लाखों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

वे अब दो साल ज्यादा नौकरी कर सकेंगे और पेंशन भी ज्यादा समय तक मिलेगी। यह फैसला सरकारी खजाने पर बोझ कम करने के साथ-साथ अनुभवी कर्मचारियों को लंबे समय तक सेवा देने का मौका देता है। कर्मचारी संगठनों ने इसका स्वागत किया है।

इससे युवाओं को नौकरी मिलने में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था संतुलित रखने के लिए जरूरी है। आइए जानते हैं इस फैसले की पूरी जानकारी।

Retirement Age Update

रिटायरमेंट आयु में दो साल की बढ़ोतरी का मतलब है कि अब केंद्रीय सरकार के ज्यादातर कर्मचारी 62 साल की उम्र में रिटायर होंगे। यह बदलाव मुख्य रूप से केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत हो रहा है।

यह फैसला वित्त मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय की सिफारिशों पर आधारित है। पहले 58 से 60 साल के बीच रिटायरमेंट होता था, लेकिन अब नया नियम 62 साल तक नौकरी की अनुमति देगा।

यह सभी ग्रुप ए, बी, सी और डी के कर्मचारियों पर लागू होगा। रक्षा सेवाओं और कुछ विशेष विभागों को छोड़कर बाकी सभी में यह प्रभावी होगा।

कौन से कर्मचारी लाभान्वित होंगे?

इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा उन कर्मचारियों को होगा जो अगले कुछ सालों में रिटायर होने वाले हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई कर्मचारी 60 साल पर रिटायर होने वाला था, तो अब दो साल और सेवा दे सकेगा।

इससे उनकी सैलरी, भत्ते और पेंशन योगदान दो साल ज्यादा चलेगा। पेंशन की गणना अंतिम सैलरी पर आधारित होती है, इसलिए ज्यादा सेवा से पेंशन राशि भी बढ़ेगी।

महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए समान नियम लागू हैं। साथ ही, प्रमोशन के मौके भी दो साल बढ़ जाएंगे।

सरकार की ओर से क्या सुविधाएं मिलेंगी?

सरकार ने रिटायरमेंट आयु बढ़ाने के साथ कुछ अतिरिक्त सुविधाएं भी देने का वादा किया है। सबसे पहले, पेंशन स्कीम में बदलाव आया है। अब न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित की गई है।

कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) में योगदान भी बढ़ेगा। सरकार 14 प्रतिशत योगदान देगी, जो पहले 10 प्रतिशत था। इससे रिटायरमेंट के बाद फंड मजबूत होगा।

ग्रेच्युटी की सीमा भी बढ़ाई गई है। अब 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री मिलेगी। मेडिकल सुविधाएं रिटायरमेंट के बाद भी जारी रहेंगी।

कैसे होगा आवेदन और प्रक्रिया?

आवेदन की प्रक्रिया बहुत सरल है। कर्मचारियों को अपने विभाग के एचआर विभाग में सूचना देनी होगी। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी अपडेट हो जाएगा।

रिटायरमेंट की नई तारीख कैलेंडर के अनुसार तय होगी। उदाहरण के लिए, जन्म 1 अप्रैल 1965 को हुआ तो पुरानी रिटायरमेंट 31 मार्च 2025 होती, अब 31 मार्च 2027 हो जाएगी।

  1. विभाग को सूचना दें।
  2. फॉर्म भरें जो विभाग देगा।
  3. मेडिकल चेकअप करवाएं अगर जरूरी हो।
  4. अप्रूवल मिलने पर नई जॉइनिंग जारी रहेगी।

यह प्रक्रिया एक महीने के अंदर पूरी हो जाएगी।

आर्थिक प्रभाव और फायदे

इस फैसले से सरकारी खर्चे पर असर पड़ेगा। दो साल ज्यादा सैलरी देनी पड़ेगी, लेकिन अनुभव से काम की गुणवत्ता बढ़ेगी। युवा भर्ती कम होने से बजट बचेगा।

कर्मचारियों के लिए आय स्थिर रहेगी। परिवार का भरण-पोषण आसान होगा। महंगाई के दौर में दो साल की अतिरिक्त कमाई लाखों रुपये जोड़ देगी।

कई राज्यों ने भी इसे अपनाने की योजना बनाई है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर एकरूपता आएगी।

चुनौतियां और समाधान

कुछ लोग कहते हैं कि इससे युवाओं को नौकरी में देरी होगी। सरकार ने इसका समाधान भर्ती प्रक्रिया तेज करने का कहा है। प्रतिवर्ष 1 लाख नई भर्तियां जारी रहेंगी।

उम्रदराज कर्मचारियों की सेहत का ध्यान रखा जाएगा। वार्षिक मेडिकल टेस्ट अनिवार्य होंगे। अगर कोई अयोग्य पाया गया तो पहले रिटायरमेंट ही होगा।

कर्मचारी यूनियनों से बातचीत जारी है। उनकी मांगें जैसे वेतन वृद्धि पर विचार हो रहा है।

निष्कर्ष

यह फैसला कर्मचारियों के लिए वरदान है। दो साल की बढ़ोतरी से आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। सरकार और कर्मचारियों दोनों को फायदा होगा। कुल मिलाकर सकारात्मक बदलाव है।

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