रिश्तेदारों को अपनी तरक्की से जलाने के 5 गुप्त नियम Chanakya Niti

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आचार्य चाणक्य, जिन्हें हम कौटिल्य के नाम से भी जानते हैं, भारतीय इतिहास के सबसे महान कूटनीतिज्ञ और शिक्षक माने जाते हैं। उनकी लिखी चाणक्य नीति आज भी उतनी ही कारगर है जितनी सदियों पहले थी। अक्सर देखा गया है कि जब कोई व्यक्ति जीवन में मेहनत करता है और ऊंचाइयों को छूने लगता है, तो सबसे पहले उसके रिश्तेदार ही उससे ईर्ष्या या जलन महसूस करने लगते हैं। यह एक कड़वा सच है कि आपकी तरक्की हर किसी को पसंद नहीं आती।

चाणक्य नीति के अनुसार, ईर्ष्या एक ऐसा जहर है जो सामने वाले को तो नुकसान पहुंचाता ही है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा यह आपके काम में बाधा बन सकता है। कई बार जलनखोर रिश्तेदार आपकी राह में रोड़े अटकाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में चाणक्य ने कुछ ऐसे गुप्त नियम बताए हैं जिनका पालन करके आप न केवल अपनी तरक्की को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि ऐसे लोगों को अपनी सफलता से एक करारा जवाब भी दे सकते हैं।

इन नियमों का मुख्य उद्देश्य खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और अपनी योजनाओं को बाहरी दुनिया की बुरी नजर से बचाना है। यदि आप भी अपनी लाइफ में आगे बढ़ना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपकी सफलता का शोर पूरी दुनिया में हो, तो आपको चाणक्य के इन सफलता के सूत्रों को गहराई से समझना होगा।

रिश्तेदारों को अपनी तरक्की से जलाने के 5 गुप्त नियम (Chanakya Niti Tips)

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अपनी सफलता की रणनीति को हमेशा गुप्त रखना चाहिए। जब आप अपनी तरक्की का ढिंढोरा समय से पहले पीट देते हैं, तो ईर्ष्यालु लोग उसे रोकने के लिए षड्यंत्र रचने लगते हैं। इसलिए, सफलता का पहला नियम ही मौन है। नीचे दी गई टेबल में आप इस नीति का एक संक्षिप्त विवरण देख सकते हैं।

विषय (Topic)विवरण (Details)
मुख्य विचाररिश्तेदारों की ईर्ष्या और प्रगति के नियम
प्रेरकआचार्य चाणक्य (Kautilya)
मुख्य मंत्रसफलता को गुप्त रखना और मौन रहना
लक्ष्यदुश्मनों और जलने वालों पर विजय पाना
सावधानीअपनी कमजोरी और आय किसी को न बताएं
परिणामबिना बाधा के निरंतर तरक्की
सफलता का सूत्रकाम बोलता है, बातें नहीं

1. अपनी अगली चाल को हमेशा गुप्त रखें (Keep Your Strategy Secret)

चाणक्य के अनुसार, व्यक्ति को अपनी भावी योजनाओं के बारे में कभी भी अपने रिश्तेदारों या मित्रों से चर्चा नहीं करनी चाहिए। जब तक आपका लक्ष्य पूरा न हो जाए, तब तक उसे गुप्त रखना ही बुद्धिमानी है।

अक्सर लोग उत्साह में आकर अपनी नई नौकरी, बिजनेस प्लान या प्रॉपर्टी निवेश की बातें सबको बता देते हैं। इससे जलने वाले लोग मानसिक रूप से आपके खिलाफ नकारात्मक ऊर्जा भेजने लगते हैं या आपके काम में बाधा डालने का प्रयास करते हैं।

2. अपनी असली कमाई और संपत्ति का खुलासा न करें (Income Privacy)

आचार्य चाणक्य ने स्पष्ट कहा है कि अपनी आर्थिक स्थिति को कभी भी सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। यदि आप अपनी अधिक कमाई के बारे में रिश्तेदारों को बताते हैं, तो उनके मन में लालच और ईर्ष्या पैदा होती है।

वहीं अगर आप अपनी गरीबी या घाटे की चर्चा करते हैं, तो लोग आपको सम्मान देना बंद कर देते हैं। इसलिए, अपनी वेल्थ और सेविंग्स को एक राज ही रहने दें ताकि लोग आपकी असली ताकत का अंदाजा न लगा सकें।

3. अपनी कमजोरी और दुख को छिपाकर रखें (Hide Your Weakness)

जो व्यक्ति अपनी कमजोरियां दूसरों के सामने उजागर कर देता है, वह अपनी हार की स्क्रिप्ट खुद लिखता है। चाणक्य नीति कहती है कि रिश्तेदार अक्सर आपकी कमजोरी का फायदा उठाकर आपको नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।

हमेशा याद रखें कि एक रहस्यमयी इंसान से हर कोई डरता है। जब लोगों को यह पता ही नहीं होगा कि आपको किस बात से दुख होता है या आपकी कमजोरी क्या है, तो वे आप पर हमला नहीं कर पाएंगे।

4. अपनी उदारता और दान का ढिंढोरा न पीटें (Keep Good Deeds Quiet)

कई लोग अपनी तरक्की दिखाने के लिए समाज में बहुत ज्यादा दिखावा और दान-पुण्य करते हैं। चाणक्य के अनुसार, नेकी कर और दरिया में डाल। अपनी अच्छाइयों का बखान करने से आपका अहंकार बढ़ता है और दूसरों में जलन।

अपनी सफलता को चुपचाप एन्जॉय करें। जब आप शांत रहकर तरक्की करते हैं, तो आपकी सफलता की चमक जलने वालों की आंखों में खुद-ब-खुद चुभने लगती है। उन्हें यह समझ ही नहीं आता कि आप इतनी जल्दी आगे कैसे बढ़ गए।

5. परिणामों को बोलने दें, प्रक्रिया को नहीं (Result Oriented Approach)

चाणक्य कहते हैं कि लोगों को सिर्फ आपका परिणाम (Result) दिखना चाहिए, न कि आपकी मेहनत का तरीका। जब आप पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं और अचानक एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हैं, तो वह प्रहार सबसे गहरा होता है।

ईर्ष्यालु रिश्तेदारों को हैरान रहने दें। उनकी हैरानी ही आपकी सबसे बड़ी जीत है। जब उन्हें आपकी सफलता का ‘कैसे और कब’ समझ नहीं आएगा, तो वे खुद ही हार मान लेंगे और आपकी श्रेष्ठता को स्वीकार करेंगे।

रिश्तेदारों की ईर्ष्या से बचने के अन्य महत्वपूर्ण सुझाव

  • मौन की शक्ति: बहस करने के बजाय चुप रहकर अपने काम पर ध्यान दें।
  • दूरी बनाएं: जो रिश्तेदार आपकी मानसिक शांति भंग करें, उनसे ‘सम्मानजनक दूरी’ बना लेना ही बेहतर है।
  • आत्मनिर्भरता: अपनी जरूरतों के लिए कभी भी दूसरों पर निर्भर न रहें।
  • सकारात्मकता: नकारात्मक बातों को अनसुना करना सीखें और अपनी ग्रोथ पर फोकस करें।

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