मध्यप्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए आज का दिन खुशियों भरा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की लाड़ली बहनों के बैंक खातों में योजना की अगली किस्त के पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं। इस बार बहनों को मिलने वाली राशि में इजाफा किया गया है, जिससे उनके चेहरे खिल उठे हैं।
मध्य प्रदेश सरकार की यह सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण योजना महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने स्वयं रिमोट का बटन दबाकर एक क्लिक में करोड़ों रुपए की राशि बहनों के बैंक खातों में जमा की है।
Ladli Behna Yojana LIVE: CM Mohan Yadav ने बहनों के खाते में डाले ₹1500
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 14 फरवरी 2026 को एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की लगभग 1.25 करोड़ बहनों के खातों में ₹1500 की किस्त ट्रांसफर की है। यह राशि 33वीं किस्त के रूप में दी गई है, जिसे लेकर महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
पहले इस योजना के तहत ₹1250 की राशि दी जाती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹1500 कर दिया गया है। सरकार ने साफ किया है कि यह योजना बंद नहीं होगी, बल्कि धीरे-धीरे इसकी राशि को बढ़ाया जाएगा। आज का यह पैसा Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले के पंधाना से इस राशि का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार बहनों के सम्मान और उनकी खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है।” यह राशि न केवल महिलाओं के घरेलू खर्चों में मदद करेगी, बल्कि उन्हें अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
Ladli Behna Yojana Overview Table
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना |
| राज्य का नाम | मध्य प्रदेश |
| वर्तमान किस्त राशि | ₹1500 प्रति माह |
| लाभार्थी | राज्य की विवाहित महिलाएं (21 से 60 वर्ष) |
| किस्त नंबर | 33वीं किस्त (फरवरी 2026) |
| वितरण का तरीका | DBT (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर) |
| आधिकारिक वेबसाइट | cmladlibahna.mp.gov.in |
| विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग |
लाड़ली बहना योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ (Key Features of the Scheme)
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि महिलाओं के पास हर महीने एक निश्चित राशि पहुंचती है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे परिवार के निर्णयों में भी अपनी भूमिका निभा पाती हैं।
- योजना के तहत अब हर महीने ₹1500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
- यह पैसा सीधे बैंक खाते में जमा होता है, जिससे बिचौलियों का कोई काम नहीं रहता।
- योजना के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार आया है।
- समय-समय पर सरकार इस राशि में बढ़ोतरी करने की घोषणा भी करती रहती है।
- महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाना भी इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य है।
आवेदन और पात्रता की शर्तें (Eligibility for Ladli Behna Yojana)
अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं या अपना स्टेटस चेक करना चाहती हैं, तो सरकार ने कुछ कड़े नियम बनाए हैं। केवल पात्र महिलाओं को ही यह पैसा मिलता है।
- महिला मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- आवेदिका विवाहित होनी चाहिए (इसमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं)।
- महिला की आयु 21 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए।
- घर में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
- महिला के पास स्वयं का DBT Active बैंक खाता होना अनिवार्य है।
कैसे चेक करें अपनी किस्त का स्टेटस (How to Check Payment Status)
कई बार बहनों के खाते में पैसा ट्रांसफर तो हो जाता है, लेकिन उन्हें मैसेज नहीं मिलता। ऐसे में आप ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी स्थिति देख सकती हैं।
सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां आपको ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करने के बाद आपको अपना पंजीयन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करनी होगी।
इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा। ओटीपी डालने के बाद आप देख सकेंगी कि आपके खाते में ₹1500 की किस्त जमा हुई है या नहीं। यदि पैसा नहीं आया है, तो आपको अपना e-KYC और बैंक डीबीटी स्टेटस चेक करना चाहिए।
33वीं किस्त में किन महिलाओं को नहीं मिला पैसा?
इस बार कुछ महिलाओं के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं। सरकार के अनुसार, जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें अब इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि वे अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र हो गई हैं।
इसके अलावा, जिन महिलाओं ने अपने बैंक खाते में e-KYC नहीं करवाया था या जिनका डीबीटी बंद था, उनकी किस्त भी रुक सकती है। सरकार ने अपील की है कि ऐसी महिलाएं तुरंत अपने बैंक जाकर आधार लिंक करवाएं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया कि जो महिलाएं अपात्र पाई गई हैं, उनके नाम पोर्टल से हटा दिए गए हैं ताकि सही और जरूरतमंद बहनों को ही लाभ मिलता रहे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक था।
लाड़ली बहना योजना का भविष्य और ₹3000 का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस राशि को और भी बढ़ाया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वादा किया था कि इस राशि को धीरे-धीरे ₹3000 तक ले जाया जाएगा।
वर्तमान सरकार भी उसी राह पर चल रही है। ₹1000 से शुरू हुई यह यात्रा अब ₹1500 तक पहुंच चुकी है। बजट में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश की हर महिला सशक्त बन सके।
यह योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि यह महिलाओं के प्रति समाज की सोच बदलने का एक जरिया भी है। जब महिलाओं के हाथ में पैसा होता है, तो वे बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर बेहतर खर्च कर पाती हैं।
Disclaimer: यह लेख सरकारी आधिकारिक पोर्टल्स और ताज़ा समाचारों के आधार पर तैयार किया गया है। लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक पूरी तरह से असली (Real) योजना है। समय-समय पर इसके नियमों और किस्तों की राशि में बदलाव हो सकता है। किसी भी प्रकार के भ्रम से बचने के लिए हमेशा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (cmladlibahna.mp.gov.in) का ही सहारा लें। इंटरनेट पर चल रही फर्जी वेबसाइटों या कॉल से सावधान रहें जो आपसे पैसे की मांग करती हैं।







