वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की हर एक चीज़ ऊर्जा का केंद्र होती है, और जब बात घर की अलमारी (Almirah) की हो, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। अलमारी न केवल कपड़े रखने के काम आती है, बल्कि इसमें हमारी मेहनत की कमाई यानी धन और जेवर भी रखे जाते हैं।
कई बार लोग मेहनत तो बहुत करते हैं, लेकिन पैसा घर में टिकता नहीं है या बेवजह के खर्चों में निकल जाता है। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि इसका एक बड़ा कारण गलत दिशा में रखी अलमारी हो सकती है। सही दिशा में रखी गई अलमारी घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) और समृद्धि का संचार करती है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Vastu Tips for Almirah क्या हैं और कैसे आप अपनी अलमारी को सही जगह रखकर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं। आइए जानते हैं वास्तु नियम जो आपके घर की तिजोरी को कभी खाली नहीं रहने देंगे।
घर की अलमारी किस दिशा में रखें? पैसा रुकना शुरू हो जाएगा – जानें वास्तु नियम
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बहुत महत्व है और अलमारी के लिए दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। यदि आप अपनी अलमारी को इस कोने में रखते हैं, तो इससे जीवन में स्थिरता आती है और धन का संचय बढ़ता है।
अलमारी वास्तु नियम: मुख्य विवरण (Overview Table)
| विषय (Topic) | विवरण (Details) |
| सबसे शुभ दिशा | दक्षिण-पश्चिम (South-West) |
| दरवाजा खुलने की दिशा | उत्तर या पूर्व (North or East) |
| तिजोरी का स्थान | अलमारी के अंदर मध्य या ऊपरी भाग |
| वर्जित दिशा | उत्तर-पूर्व (North-East) |
| अलमारी का रंग | हल्का पीला, क्रीम या सफेद |
| उपयुक्त धातु | लकड़ी या लोहा (Iron or Wood) |
| क्या न रखें | कूड़ा, फटे पुराने कपड़े या भारी बोझ |
अलमारी रखने की सही दिशा (Right Direction for Almirah)
वास्तु के अनुसार, भारी सामान हमेशा घर के दक्षिण या पश्चिम हिस्से में होना चाहिए। इसलिए, अपनी अलमारी को कमरे के दक्षिण-पश्चिम कोने में इस तरह रखें कि उसका पिछला हिस्सा दक्षिण की दीवार से सटा हो।
जब आप अलमारी खोलें, तो उसका मुख उत्तर दिशा (North Direction) की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में खुलने वाली अलमारी सीधे कुबेर देव का आशीर्वाद प्राप्त करती है।
यदि दक्षिण दिशा में जगह न हो, तो आप इसे पश्चिम दिशा में भी रख सकते हैं। पश्चिम दिशा में रखी अलमारी का मुख पूर्व की ओर खुलेगा, जो कि मां लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक माना जाता है।
इन दिशाओं में भूलकर भी न रखें अलमारी (Directions to Avoid)
- उत्तर-पूर्व (North-East): इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है और यहाँ भारी अलमारी रखना भारी वास्तु दोष पैदा कर सकता है। इससे आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव बढ़ता है।
- दक्षिण दिशा में मुख: कभी भी अलमारी ऐसी न रखें जिसका दरवाजा दक्षिण की ओर खुलता हो। माना जाता है कि दक्षिण दिशा की ओर खुलने वाली तिजोरी से पैसा पानी की तरह बह जाता है।
- बीचों-बीच (Center): कमरे के बिल्कुल केंद्र में अलमारी रखना ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है।
धन वृद्धि के लिए विशेष वास्तु टिप्स (Wealth Growth Vastu Tips)
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में पैसा रुकना शुरू हो जाए, तो इन छोटे-छोटे मगर असरदार उपायों को जरूर अपनाएं:
- जमीन से ऊपर रखें: अलमारी को कभी भी सीधे फर्श पर न रखें। इसके नीचे लकड़ी का स्टैंड या कम से कम एक साफ कपड़ा या अखबार जरूर बिछाएं।
- तिजोरी कभी खाली न रखें: अलमारी के अंदर जो लॉकर या तिजोरी होती है, उसे कभी पूरी तरह खाली न छोड़ें। उसमें कुछ नकद रुपये या चांदी का सिक्का हमेशा रखें।
- आईने का ध्यान: अलमारी के दरवाजों पर शीशा लगा होना वास्तु में अच्छा नहीं माना जाता, खासकर अगर वह बेड के सामने हो। इससे घर में कलह और बीमारी आ सकती है।
- साफ-सफाई: अलमारी के ऊपर कभी भी भारी कबाड़ या पुरानी फटी चीजें जमा न होने दें। गंदगी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है।
रंग और धातु का चुनाव (Color and Material)
वास्तु शास्त्र के अनुसार, लोहे या लकड़ी की अलमारी सबसे अच्छी होती है। पत्थर या संगमरमर की अलमारी घर के अंदर रखने से बचना चाहिए। रंगों की बात करें तो गहरे रंगों (जैसे काला या गहरा नीला) के बजाय हल्के रंग जैसे क्रीम, हल्का पीला या सफेद रंग चुनें। ये रंग शांति और समृद्धि के प्रतीक हैं।
अपनी अलमारी के लॉकर में इत्र या कपूर की गोलियां रखने से भी सकारात्मकता बनी रहती है। इससे घर में बरकत आती है और फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है।







