भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकटों की कालाबाजारी को रोकने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब Train Ticket Booking के नियमों में आमूलचूल बदलाव कर दिया गया है, जिससे करोड़ों यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा।
इस नए नियम के तहत अब आप अपनी यात्रा से महीनों पहले टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। रेलवे ने Advance Reservation Period (ARP) को आधा कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब लंबी प्लानिंग करने वालों को अपनी रणनीति बदलनी होगी।
यह बदलाव केवल समय सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ 7 ऐसे सख्त नियम भी जोड़े गए हैं जो आपकी यात्रा को सुरक्षित बनाएंगे। अगर आपने इन नियमों की अनदेखी की, तो आपकी एक छोटी सी गलती पूरी यात्रा को बर्बाद कर सकती है।
Train Ticket Timing Changed: 60 दिन पहले टिकट और 7 सख्त बदलाव
भारतीय रेलवे के इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य उद्देश्य बोगस बुकिंग और टिकट दलालों पर लगाम लगाना है। पहले यात्री 120 दिन यानी 4 महीने पहले टिकट बुक कर सकते थे, लेकिन अब यह समय सीमा घटाकर 60 दिन कर दी गई है।
रेलवे बोर्ड के अनुसार, देखा गया था कि बहुत से लोग 4 महीने पहले टिकट तो बुक कर लेते थे, लेकिन उनमें से लगभग 21% यात्री आखिरी समय पर टिकट कैंसिल करा देते थे। इसके अलावा 5% यात्री ऐसे थे जो न तो यात्रा करते थे और न ही टिकट कैंसिल करते थे।
इस ‘नो शो’ ट्रेंड की वजह से जरूरतमंद यात्रियों को सीटें नहीं मिल पाती थीं। अब 60 दिन का समय होने से केवल वही लोग टिकट बुक करेंगे जिनका प्लान पक्का है। इससे वेटिंग लिस्ट कम होगी और कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
रेलवे के 7 सबसे सख्त बदलाव और नए नियम
रेलवे ने समय सीमा के साथ-साथ सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के लिए कई तकनीकी बदलाव भी किए हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण Aadhaar Authentication है। अब IRCTC पर फेक अकाउंट बनाकर टिकट बुक करना नामुमकिन हो जाएगा।
पहला बड़ा बदलाव यह है कि अब जनरल रिजर्वेशन विंडो खुलते ही शुरुआती 15 मिनट तक केवल आधार वेरीफाइड यूजर ही टिकट बुक कर पाएंगे। यह नियम दलालों द्वारा उपयोग किए जाने वाले बॉट्स और फेक आईडी को रोकने के लिए लाया गया है।
दूसरा बदलाव Tatkal Booking को लेकर है। अब तत्काल टिकट बुक करने के लिए भी आधार बेस्ड ओटीपी वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे आम आदमी को तत्काल कोटा में सीट मिलने के चांस काफी बढ़ गए हैं।
इन गलतियों से आपकी यात्रा हो सकती है बर्बाद
अक्सर यात्री टिकट बुक करने के बाद बोर्डिंग स्टेशन को लेकर गलती कर देते हैं। नए नियमों के अनुसार, अगर आप अपने तय स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ते हैं और आपने Boarding Point Change नहीं किया है, तो TTE आपकी सीट किसी और को अलॉट कर सकता है।
अब रेलवे ने सुविधा दी है कि आप Second Chart बनने तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकते हैं। लेकिन अगर आपने ऐसा नहीं किया और आप अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की सोच रहे हैं, तो आपको “Not Turned Up” (NTA) मार्क किया जा सकता है।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव Luggage Rules को लेकर है। अब स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिए सामान की सीमा तय कर दी गई है। अगर आपके पास निर्धारित वजन से ज्यादा सामान है, तो आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है और सामान को पार्सल ऑफिस भेजना पड़ सकता है।
दलालों और फर्जी आईडी पर रेलवे की सर्जिकल स्ट्राइक
रेलवे ने हाल ही में करीब 5.7 करोड़ संदिग्ध और लंबे समय से बंद पड़े IRCTC अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है। यह कदम सिस्टम पर लोड कम करने और असली यात्रियों को जगह देने के लिए उठाया गया है।
नए नियम के तहत अब बुकिंग विंडो पूरे दिन खुली रहेगी, लेकिन Aadhaar Verified होने पर ही आपको प्राथमिकता मिलेगी। एजेंटों के लिए भी अब सख्त नियम लागू हैं, वे बुकिंग शुरू होने के शुरुआती समय में टिकट बुक नहीं कर पाएंगे।
अगर आप भी आने वाले समय में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि अब आपको 120 दिन का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। अपनी यात्रा से ठीक 2 महीने पहले IRCTC की वेबसाइट या काउंटर पर जाकर टिकट सुरक्षित कर लें।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। भारतीय रेलवे के नियमों में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं। यह खबर हाल ही में रेलवे द्वारा जारी किए गए आधिकारिक सर्कुलर और प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के आंकड़ों पर आधारित है जिसमें एडवांस रिजर्वेशन पीरियड को 120 दिन से घटाकर 60 दिन किया गया है। यात्रा से पहले कृपया आधिकारिक IRCTC वेबसाइट या रेलवे काउंटर से नियमों की दोबारा पुष्टि अवश्य कर लें।







