भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा राशन कार्ड और रसोई गैस सिलेंडर को लेकर समय-समय पर बड़े बदलाव किए जाते हैं। 21 फरवरी 2026 से राशन कार्ड और गैस सिलेंडर पर 4 नए नियम लागू होने की खबरें सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन नियमों का सीधा असर देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ने वाला है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य इन बदलावों के जरिए राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और गैस सब्सिडी के लाभ को सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। फर्जी राशन कार्डों को सिस्टम से बाहर करने के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इन नए नियमों के तहत ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी गई है ताकि सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग रोका जा सके।
यदि आप भी एक राशन कार्ड धारक हैं या प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लेते हैं, तो आपके लिए इन 4 नए नियमों को जानना बेहद जरूरी है। 21 फरवरी से होने वाले इन बदलावों को नजरअंदाज करने पर आपकी राशन सामग्री रुक सकती है या गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी बंद हो सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ये नए नियम क्या हैं और आपको इनके लिए क्या तैयारी करनी होगी।
21 फरवरी से राशन कार्ड और गैस सिलेंडर पर लागू होंगे 4 नए नियम
केंद्र सरकार की ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राशन कार्ड के नियमों में सख्ती बरती जा रही है। 21 फरवरी से लागू होने वाले इन नए नियमों में राशन कार्ड ई-केवाईसी, गैस सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक अपडेट और नए पात्रता मापदंड शामिल हैं। डिजिटल राशन कार्ड की ओर बढ़ते कदम अब हर कार्ड धारक के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें लेकर आए हैं।
इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल जरूरतमंद परिवारों को ही मुफ्त या सस्ता अनाज मिले। कई राज्यों में गैस सिलेंडर की कीमतों और सब्सिडी के वितरण के तरीके में भी बदलाव देखा जा रहा है। दिल्ली जैसे राज्यों में तो साल में दो बार मुफ्त सिलेंडर के लिए डीबीटी के जरिए पैसे भेजने का नया नियम भी चर्चा में है। नीचे दी गई टेबल में आप इस पूरी योजना और नियमों का संक्षिप्त विवरण देख सकते हैं।
Yojana Rules Overview 2026
| विवरण (Description) | महत्वपूर्ण जानकारी (Information) |
| योजना का नाम | राशन कार्ड और गैस सिलेंडर नए नियम 2026 |
| लागू होने की तिथि | 21 फरवरी 2026 |
| मुख्य विभाग | खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग |
| लाभार्थी | राशन कार्ड धारक और उज्ज्वला गैस लाभार्थी |
| प्रमुख बदलाव | e-KYC, बायोमेट्रिक, पात्रता जांच, DBT सब्सिडी |
| उद्देश्य | फर्जी लाभार्थियों को हटाना और पारदर्शिता लाना |
| आधिकारिक वेबसाइट | संबंधित राज्य के PDS पोर्टल और MyLPG.in |
| हेल्पलाइन नंबर | 1906 (LPG) और 1967 (Ration Card) |
Ration Card and Gas Cylinder New Rules: प्रमुख 4 बदलाव
21 फरवरी से लागू होने वाले बदलावों में सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम राशन कार्ड ई-केवाईसी (Ration Card e-KYC) को लेकर है। अब परिवार के हर सदस्य का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यदि आपके घर में किसी सदस्य का अंगूठा या आधार लिंक नहीं है, तो उनका नाम राशन कार्ड से काटा जा सकता है।
दूसरा नियम एलपीजी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (LPG Biometric Verification) से जुड़ा है। गैस उपभोक्ताओं को अब अपनी गैस एजेंसी पर जाकर अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी। जिन उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके बैंक खाते में आने वाली गैस सब्सिडी 21 फरवरी के बाद रुक सकती है।
तीसरा नियम राशन की दुकानों पर मिलने वाले अनाज की मात्रा और प्रकार को लेकर है। अब कई राज्यों में गेहूं और चावल के साथ-साथ दाल, तेल और चीनी जैसे अन्य पोषक तत्व भी शामिल किए जा रहे हैं। हालांकि, इसके साथ ही पात्रता की जांच भी सख्त कर दी गई है ताकि आयकर दाता या अमीर लोग इस योजना का गलत लाभ न उठा सकें।
चौथा नियम डिजिटल राशन कार्ड और स्मार्ट कार्ड की अनिवार्यता है। पुराने कागज वाले राशन कार्डों को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है और उनकी जगह क्यूआर कोड वाले स्मार्ट कार्ड दिए जा रहे हैं। इससे राशन लेने की प्रक्रिया और भी सुरक्षित और आसान हो जाएगी।
Ration Card Rules and Eligibility Criteria: पात्रता और शर्तें
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्ड का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जो पात्रता मापदंडों को पूरा करते हैं। यदि आपके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, या 5 एकड़ से अधिक उपजाऊ भूमि है, तो आपका राशन कार्ड निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा, यदि परिवार का कोई भी सदस्य इनकम टैक्स भरता है, तो वे भी इस लाभ के हकदार नहीं होंगे।
नए नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में 3 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों को राशन कार्ड सरेंडर करने के निर्देश दिए गए हैं। वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना के तहत अब प्रवासी मजदूर देश के किसी भी कोने में रहकर अपना राशन ले सकेंगे, बशर्ते उनका कार्ड आधार से लिंक हो।
गैस सिलेंडर सब्सिडी का लाभ पाने के लिए महिला मुखिया के नाम पर ही कनेक्शन होना और बैंक खाते का आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) होना अनिवार्य है। सरकार अब सब्सिडी का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेज रही है।
New Guidelines for Gas Cylinder Subsidy 2026
रसोई गैस के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने LPG KYC की प्रक्रिया को 21 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को ₹300 की अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन इसके लिए गैस एजेंसी पर जाकर भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है।
दिल्ली सरकार ने भी घोषणा की है कि वह अपने राशन कार्ड धारकों को साल में दो बार (होली और दीपावली) पर मुफ्त सिलेंडर के पैसे सीधे खाते में भेजेगी। इसी तरह राजस्थान जैसे राज्यों में ₹450 में गैस सिलेंडर देने की योजना का लाभ भी केवल उन्हीं को मिलेगा जिनका राशन कार्ड और गैस कनेक्शन आपस में लिंक होगा।
नियमों का पालन न करने पर होने वाले नुकसान
अगर आप 21 फरवरी तक अपने राशन कार्ड और गैस कनेक्शन के नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो आपको निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
- राशन कार्ड से परिवार के सदस्यों का नाम हटाया जाना।
- गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का बंद होना।
- नजदीकी राशन दुकान से मुफ्त या सस्ता अनाज मिलने में रुकावट।
- पुराना राशन कार्ड अमान्य घोषित कर दिया जाना।
इन समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र (CSC) या राशन की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करवा लें। इसके लिए आपको अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ ले जाना होगा।
Disclaimer: सोशल मीडिया और कुछ समाचार पोर्टल्स पर 21 फरवरी से राशन कार्ड और गैस सिलेंडर पर 4 नए नियम लागू होने की जो खबरें चल रही हैं, उनमें से अधिकांश विभाग द्वारा जारी नियमित अपडेट्स हैं। सरकार ने 21 फरवरी की ऐसी कोई विशेष “डेडलाइन” आधिकारिक रूप से सभी के लिए घोषित नहीं की है, हालांकि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पिछले काफी समय से चरणबद्ध तरीके से चल रही है।
राशन कार्ड धारकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी भ्रामक खबर पर विश्वास करने से पहले अपने जिले के खाद्य आपूर्ति विभाग या आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जाकर जानकारी की पुष्टि अवश्य करें। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।







