केंद्र सरकार ने हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बढ़ती महंगाई के बीच महंगाई भत्ता (DA) में 4 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा कर दी गई है। यह कदम लाखों लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
महंगाई भत्ता वेतन या पेंशन का वह हिस्सा है जो जीवनयापन की बढ़ती लागत को पूरा करता है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर हर छह माह में इसकी समीक्षा होती है। अब कुल DA दर 58% से बढ़कर 62% हो जाएगी, जो जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। यह घोषणा न केवल वित्तीय राहत देगी, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ाएगी। खासकर पेंशनभोगियों के लिए यह दैनिक खर्चों जैसे दवाइयां, राशन और बिलों को आसान बनाएगी। सरकार का यह प्रयास आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने वाला है।
DA Hike Good News 2026
महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिया जाने वाला अतिरिक्त भुगतान है। यह उनकी बेसिक सैलरी या पेंशन के प्रतिशत पर आधारित होता है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती कीमतों से निपटना है। श्रम मंत्रालय द्वारा जारी AICPI-IW सूचकांक के आंकड़ों से DA की गणना होती है। हर छह माह में समीक्षा के बाद कैबिनेट स्वीकृति देती है। इस बार दिसंबर 2025 के आंकड़ों से 4% बढ़ोतरी का रास्ता साफ हुआ।
पात्रता और लाभार्थी कौन हैं?
केंद्र सरकार के सभी नियमित कर्मचारी इसकी पात्रता रखते हैं। इसमें मंत्रालय, PSUs, रेलवे, डाक और रक्षा क्षेत्र शामिल हैं। लगभग 50 लाख कर्मचारी और 65 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।
अस्थायी कर्मचारी भी 7वें वेतन आयोग के तहत योग्य हैं। पेंशनभोगी सिविल, परिवार या डिफेंस पेंशन वाले सभी शामिल हैं। राज्य या निजी क्षेत्र के लोग इससे बाहर हैं। कुछ राज्य केंद्र के फैसले की नकल करते हैं।
DA वृद्धि से मिलने वाले लाभ
मान लीजिए बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है, तो 4% बढ़ोतरी से 1,200 रुपये मासिक अतिरिक्त मिलेंगे। सालाना यह 14,400 रुपये होता है। उच्च वेतन वालों को इससे ज्यादा फायदा होगा। यह अवकाश एन्कैशमेंट और यात्रा भत्ते पर भी असर डालता है। एरियरल्स के साथ एकमुश्त राशि त्योहारों के लिए उपयोगी साबित होगी। ग्रामीण और महिला कर्मचारियों को विशेष राहत मिलेगी।
DA की गणना कैसे करें?
गणना का फॉर्मूला सरल है: (बेसिक पे × नई DA दर)/100। उदाहरणस्वरूप, 50,000 बेसिक पर 58% से 29,000 था, अब 62% पर 31,000 होगा। यानी 2,000 रुपये अतिरिक्त मासिक। पेंशन पर भी यही लागू होता है। ऑनलाइन कैलकुलेटर मदद करते हैं, लेकिन पे-स्लिप से सटीक पता चलता है। उच्च डीए आयकर प्रभावित कर सकता है, फिर भी नेट लाभ रहेगा। GPF जैसे फंड्स पर अप्रत्यक्ष फायदा होता है।
दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
कोई नया दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है। DA स्वतः वेतन या पेंशन में जुड़ जाता है। बैंक खाता अपडेट रखें और आधार लिंकिंग सुनिश्चित करें। PPO नंबर पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण है। आवेदन की कोई औपचारिकता नहीं। मार्च 2026 की पे-स्लिप से दिखेगा। SPARSH पोर्टल पर स्टेटस चेक करें। समस्या हो तो DDO या CPPC से संपर्क करें।
एरियरल्स अगले महीने एकसाथ मिलेंगे। इससे बजट मजबूत होगा। देरी पर DoP&PW में शिकायत दर्ज कराएं। यह प्रक्रिया सरल और तेज है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भविष्य
7वें वेतन आयोग के बाद DA 0% से बढ़कर 58% पहुंचा। कोविड में देरी हुई, अब नियमित है। कर्मचारी संगठन 60% पार करने की मांग कर रहे हैं। तीन मासिक DA की चर्चा चल रही है। यह फैसला बजट 2026 से पहले आया। अर्थव्यवस्था को उकसावे मिलेगा। JCM जैसे संगठन इसका स्वागत कर रहे हैं।
निष्कर्ष
इस 4% DA वृद्धि से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से बड़ी राहत मिली है। कुल दर 62% हो गई, जो मासिक आय में 1,000-5,000 रुपये बढ़ाएगी। कोई आवेदन जरूरी नहीं, लाभ 자동 मिलेगा। लाखों परिवार मजबूत होंगे। यह सरकार का कल्याणकारी कदम है। समय पर लिया गया निर्णय सभी के हित में है।







